ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पीएम मोदी, यूरेनियम समझौते और रक्षा सहयोग पर होगी बड़ी बातचीत
पीएम मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर यूरेनियम समझौता और रक्षा सहयोग रहेगा प्रमुख एजेंडा, रणनीतिक साझेदारी होगी मजबूत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन देशों के दौरे के तहत ऑस्ट्रेलिया पहुंचे, जहां भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग, महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) और आर्थिक साझेदारी को लेकर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इस दौरे को दोनों देशों के संबंधों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
यूरेनियम आपूर्ति समझौते पर रहेगा विशेष फोकस
सूत्रों के अनुसार, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच लंबे समय से प्रस्तावित यूरेनियम आपूर्ति समझौते को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। भारत अपनी बढ़ती परमाणु ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विश्वसनीय यूरेनियम आपूर्ति सुनिश्चित करना चाहता है, जबकि ऑस्ट्रेलिया दुनिया के सबसे बड़े यूरेनियम भंडार वाले देशों में शामिल है।
रक्षा और इंडो-पैसिफिक सहयोग होगा मजबूत
प्रधानमंत्री मोदी और ऑस्ट्रेलियाई नेतृत्व के बीच रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर भी चर्चा होगी। दोनों देश पहले से ही क्वाड (QUAD) समूह के सदस्य हैं और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर लगातार सहयोग बढ़ा रहे हैं।
क्रिटिकल मिनरल्स और नई तकनीकों पर भी होगी बातचीत
बैठक के दौरान लिथियम, कोबाल्ट और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने, स्वच्छ ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), उन्नत तकनीक, व्यापार और निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
भारतीय समुदाय को भी करेंगे संबोधित
प्रधानमंत्री मोदी ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और जन-से-जन संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया जाएगा।
भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को मिलेगी नई दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग को नई गति देगा। यूरेनियम आपूर्ति समझौते के साथ-साथ कई अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने से दोनों देशों की साझेदारी और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।
