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विराट कोहली ने रचा इतिहास, वनडे क्रिकेट में पूरे किए 15,000 रन, सचिन तेंदुलकर के बाद बने ऐसा करने वाले दूसरे बल्लेबाज़!

तिरुवनंतपुरम: भारतीय क्रिकेट के महानतम सितारों में शुमार विराट कोहली ने रविवार को एक बार फिर क्रिकेट इतिहास में अपना नाम स्वर्णाक्षरों में दर्ज करा लिया। वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली जा रही तीन मैचों की वनडे सीरीज़ के पहले मुकाबले में कोहली ने वनडे क्रिकेट में 15,000 रन पूरे कर लिए। इस उपलब्धि के साथ ही वे दिग्गज बल्लेबाज़ सचिन तेंदुलकर के बाद यह कारनामा करने वाले दुनिया के दूसरे बल्लेबाज़ बन गए हैं। यह ऐतिहासिक पल तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में देखने को मिला, जहां पूरा स्टेडियम कोहली के नाम के नारों से गूंज उठा।

कैसे पूरा हुआ ऐतिहासिक आंकड़ा

भारत को वेस्टइंडीज के खिलाफ जीत के लिए 296 रनों का लक्ष्य मिला था। इस चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करते हुए कोहली मैदान पर उतरे और अपने खास अंदाज़ में पारी को आगे बढ़ाया। पारी के 29वें ओवर में वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज़ अल्ज़ारी जोसेफ की एक छोटी गेंद पर कोहली ने शानदार पुल शॉट खेला और गेंद को मिडविकेट की दिशा में सीमा रेखा के बाहर भेज दिया। इसी चौके के साथ उन्होंने वनडे करियर में अपने 15,000 रन पूरे किए। इस ऐतिहासिक पल को यादगार बनाते हुए कोहली ने अपने दोनों हाथ हवा में उठाकर स्टेडियम में मौजूद दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया। मील के इस पत्थर तक पहुंचने के बाद भी उनका बल्ला थमा नहीं और वे 49 गेंदों पर 66 रन बनाकर नाबाद रहे, जिसमें छह चौके और दो छक्के शामिल थे।

गौरतलब है कि इस ऐतिहासिक पारी के दौरान कोहली ने अपनी सलामी बल्लेबाज़ी जोड़ीदार शुभमन गिल के साथ मिलकर टीम इंडिया की पारी को मजबूती से आगे बढ़ाया। दोनों बल्लेबाज़ों के बीच उस समय तक 121 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हो चुकी थी, जब कोहली ने यह उपलब्धि हासिल की। दिलचस्प बात यह भी रही कि शुभमन गिल भी उस समय अपने शतक के करीब पहुंच चुके थे और 96 रन पर नाबाद खेल रहे थे।

315वीं पारी में हासिल की उपलब्धि, सबसे तेज़ पहुंचने का रिकॉर्ड बरकरार

विराट कोहली ने अपने वनडे करियर की 315वीं पारी में यह उपलब्धि हासिल की। यह लगातार तीसरी बार है जब कोहली ने किसी बड़े रन-लैंडमार्क तक पहुंचने में सबसे तेज़ खिलाड़ी होने का रिकॉर्ड अपने नाम किया है। इससे पहले उन्होंने 10,000 रन का आंकड़ा साल 2018 में अपनी 205वीं पारी में छुआ था, जबकि सचिन तेंदुलकर ने यह उपलब्धि 259 पारियों में हासिल की थी। इसके बाद साल 2023 में कोहली ने 13,000 रन अपनी 267वीं पारी में पूरे किए, और एक बार फिर तेंदुलकर के तब तक के रिकॉर्ड 321 पारियों को पीछे छोड़ दिया। अब 15,000 रन के आंकड़े तक पहुंचने में भी कोहली ने सबसे तेज़ खिलाड़ी बनने का सिलसिला जारी रखा है, जो यह साबित करता है कि निरंतरता और तेज़ी के मामले में उनका कोई सानी नहीं है।

सचिन तेंदुलकर के बाद दूसरा स्थान, लेकिन रिकॉर्ड अभी बहुत दूर नहीं

वनडे क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में सचिन तेंदुलकर आज भी सबसे ऊपर बने हुए हैं। तेंदुलकर ने अपने पूरे करियर में 463 मैचों में 18,426 रन बनाए थे, जो आज भी एक अटूट कीर्तिमान माना जाता है। कोहली फिलहाल इस आंकड़े से 3,426 रन पीछे हैं, लेकिन जिस तरह से उनकी फॉर्म और निरंतरता बरकरार है, क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में वे इस रिकॉर्ड को भी चुनौती दे सकते हैं।

तीसरे स्थान पर मौजूद पूर्व श्रीलंकाई कप्तान कुमार संगकारा के 14,234 रन हैं, जिन्हें कोहली अक्टूबर 2025 में ही पीछे छोड़ चुके थे। अब 15,000 रन पूरे करने के साथ ही कोहली, संगकारा से कम से कम 766 रन आगे निकल चुके हैं। सूची में चौथे स्थान पर पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग हैं, जिन्होंने 375 वनडे मैचों में 13,704 रन बनाए थे, जबकि पांचवें स्थान पर श्रीलंका के पूर्व सलामी बल्लेबाज़ सनथ जयसूर्या हैं, जिन्होंने 448 मैचों में 13,430 रन बनाए।

शतकों के मामले में भी कोहली सबसे आगे

रनों की इस अद्भुत उपलब्धि के अलावा विराट कोहली वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने के मामले में भी सबसे आगे हैं। उन्होंने अब तक अपने करियर में कुल 54 वनडे शतक जड़े हैं, जो इस फॉर्मेट में अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। कोहली ने अपना 50वां वनडे शतक साल 2023 में खेले गए वनडे विश्व कप के सेमीफाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ मुंबई में जड़ा था, जो उनके करियर के सबसे यादगार पलों में से एक माना जाता है। इसी मुकाबले में उन्होंने सचिन तेंदुलकर के 49 शतकों के पुराने रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ा था।

इसके अलावा, इसी मैच के दौरान कोहली ने एक और उपलब्धि हासिल की — उन्होंने वनडे क्रिकेट में अपना 80वां अर्धशतक महज 40 गेंदों में पूरा किया, जो उनकी बल्लेबाज़ी की तेजी और परिपक्वता दोनों को दर्शाता है।

प्रशंसकों और क्रिकेट जगत में जश्न का माहौल

जैसे ही कोहली ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की, स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शक अपनी सीटों से खड़े होकर तालियां बजाने लगे। सोशल मीडिया पर भी इस उपलब्धि को लेकर प्रशंसकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। क्रिकेट जगत से जुड़ी कई हस्तियों और पूर्व खिलाड़ियों ने भी कोहली को इस मुकाम पर पहुंचने के लिए बधाई संदेश भेजे। विशेषज्ञों का कहना है कि कोहली की यह निरंतरता, अनुशासन और फिटनेस के प्रति उनकी गंभीरता का ही नतीजा है कि वे 15 साल से अधिक लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर के बावजूद आज भी इतने प्रभावी ढंग से रन बना पा रहे हैं।

आगे का सफर

भारत और वेस्टइंडीज के बीच जारी इस तीन मैचों की वनडे सीरीज़ का यह पहला मुकाबला था। कोहली की इस पारी ने न सिर्फ व्यक्तिगत रिकॉर्ड बुक में उनका नाम दर्ज कराया, बल्कि टीम इंडिया की जीत की राह को भी आसान बनाया। क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले मैचों में कोहली किस तरह अपनी शानदार फॉर्म को बरकरार रखते हैं और सचिन तेंदुलकर के 18,426 रनों के सर्वकालिक रिकॉर्ड की ओर किस गति से आगे बढ़ते हैं। फिलहाल तो यह तय है कि विराट कोहली एक बार फिर साबित कर चुके हैं कि वे अपनी पीढ़ी के, बल्कि क्रिकेट इतिहास के सबसे महान बल्लेबाज़ों में से एक हैं।

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