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जब पटना की सड़कों पर जली ‘सेवा की मशाल’: सीएम सम्राट चौधरी ने दिया विकसित भारत का संदेश, पीएम मोदी बोले दिल्ली से!

पटना: बुधवार की सुबह पटना शहर के लिए कुछ खास लेकर आई। मिलर हाई स्कूल मैदान में आम दिनों से कहीं ज्यादा भीड़ जुटी थी — झंडे, बैनर और नारों के बीच हजारों लोग एक साथ खड़े थे, जो किसी सामान्य सभा से कहीं बड़े आयोजन का संकेत दे रहे थे। यह आयोजन था ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ और उसके बाद निकलने वाली ‘सेवा ज्योति यात्रा’, जिसका आयोजन भारतीय जनता पार्टी के ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत किया गया था। इसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की।

एक सभा, जिसका मकसद था संकल्प

मिलर हाई स्कूल मैदान में हुई इस सभा का उद्देश्य साफ था — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को आम जनता के बीच फिर से दोहराना। सभा स्थल पर कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों का सुबह से ही जुटना शुरू हो गया था। मैदान परिसर को पार्टी के झंडों, पोस्टरों और “विकसित भारत @2047” के बैनरों से सजाया गया था।

कार्यक्रम की जिम्मेदारी संभाल रही भाजपा की प्रदेश महासचिव प्रीति शेखर ने पहले ही इस आयोजन को लेकर विस्तृत जानकारी दी थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि सभा में मुख्यमंत्री के साथ-साथ राज्य सरकार के कई मंत्री, पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे।

दिल्ली से गूंजी प्रधानमंत्री की आवाज़

सभा के दौरान सबसे खास पल वह रहा जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से मैदान में मौजूद जनसमूह को संबोधित किया। बड़ी स्क्रीन पर प्रधानमंत्री को देखने और सुनने के लिए लोगों में खासा उत्साह देखा गया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के संकल्प को दोहराते हुए नागरिकों से इस लक्ष्य में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। साथ ही, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी वर्चुअल माध्यम से अपने विचार साझा किए।

इस तरह दिल्ली में बैठकर दिया गया प्रधानमंत्री का संबोधन तकनीक के माध्यम से सीधे पटना के मैदान में मौजूद हजारों लोगों तक पहुंचा, जो यह दिखाता है कि आज की राजनीति में डिजिटल माध्यमों की भूमिका कितनी अहम हो गई है।

मुख्यमंत्री का संदेश: ‘पहले समृद्ध बिहार, तब विकसित भारत’

प्रधानमंत्री के संबोधन के ठीक बाद मंच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हवाले हो गया। उन्होंने अपने भाषण में एक सीधी और स्पष्ट बात कही — भारत को विकसित बनाने का सपना अधूरा रहेगा, जब तक बिहार खुद समृद्ध राज्य नहीं बन जाता। उनके इस कथन ने सभा में मौजूद लोगों के बीच खासा असर छोड़ा, क्योंकि यह सीधे तौर पर राज्य के विकास को राष्ट्रीय लक्ष्य से जोड़ता है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अब वक्त आ गया है कि हर बिहारवासी इस मिशन में अपनी भूमिका निभाए, चाहे वह किसी भी क्षेत्र या पेशे से जुड़ा हो। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को विकसित भारत और समृद्ध बिहार दोनों के निर्माण के लिए मिलकर काम करने का संकल्प दिलाया। पूरे मैदान में एक स्वर में यह संकल्प दोहराया गया, जिसने कार्यक्रम को एक सामूहिक अनुभव में बदल दिया।

मशाल की लौ से शुरू हुई यात्रा

सभा का औपचारिक समापन उस पल के साथ हुआ, जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने हाथों से मशाल प्रज्वलित की और इसके साथ ही ‘सेवा ज्योति यात्रा’ को औपचारिक रूप से रवाना किया गया। मशाल जलाने की यह रस्म प्रतीकात्मक रूप से सेवा, समर्पण और संकल्प की ज्योति को आगे बढ़ाने का संदेश देती है।

इस यात्रा के लिए खास तौर पर पटना के मीठापुर ब्रिज का नाम बदलकर ‘सेवा ज्योति चौक’ रखा गया था, और यहीं से यात्रा की औपचारिक शुरुआत हुई। यात्रा मार्ग में तारामंडल, हड़ताली मोड़, ऐतिहासिक गांधी मैदान और इस्कॉन मंदिर जैसे शहर के प्रमुख स्थल शामिल थे। रास्ते में जगह-जगह स्थानीय लोग यात्रा में शामिल हुए और फूल बरसाकर यात्रा का स्वागत करते दिखे।

सड़कों पर दिखा सेवा और एकजुटता का नजारा

जब यह यात्रा शहर की सड़कों से गुजरी, तो रास्ते में भारी संख्या में कार्यकर्ता, स्थानीय निवासी और पार्टी समर्थक इसमें शामिल होते गए। हाथों में मशाल, झंडे और “विकसित भारत” के बैनर लिए लोग कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ते रहे। यह दृश्य शहर के लिए किसी उत्सव जैसा माहौल बना गया, जिसमें राजनीतिक संदेश के साथ-साथ सामूहिक भागीदारी की भावना भी साफ झलक रही थी।

पार्टी पदाधिकारियों ने इस यात्रा को केवल एक प्रतीकात्मक आयोजन न मानते हुए इसे जनसेवा की भावना को आम लोगों तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम बताया। उनका कहना था कि यह यात्रा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों और जनसेवा की कहानी को जन-जन तक ले जाने का एक जरिया है।

भाजपा कार्यालय में खुला ‘मोदी@25’ का इतिहास

सुबह के इस भव्य आयोजन के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सीधे भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के साथ मिलकर एक विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, जिसका नाम रखा गया था — “मोदी@25″। यह प्रदर्शनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन और जनसेवा को समर्पित थी।

प्रदर्शनी में तस्वीरों और सूचनात्मक पैनलों के जरिए प्रधानमंत्री की राजनीतिक यात्रा, उनके फैसलों और उनके नेतृत्व में हुए विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यों को दर्शाया गया। इस आयोजन का मकसद यह था कि पार्टी कार्यकर्ता और आम जनता प्रधानमंत्री के सफर को एक जगह, एक नजर में समझ सकें।

एक दिन, दो बड़े आयोजन: शाम को गांधी मैदान में सांस्कृतिक झलक

दिलचस्प बात यह है कि पटना में यह आयोजन सिर्फ सुबह तक सीमित नहीं रहा। जानकारी के अनुसार शाम को ऐतिहासिक गांधी मैदान में भी “सेवा के रंग राष्ट्र के संग” नाम से एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें रंगोली, लोककला और बिहार की सांस्कृतिक धरोहर के माध्यम से राज्य सरकार के विकास कार्यों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया। इस तरह पूरे दिन के आयोजन को राजनीतिक संदेश के साथ-साथ सांस्कृतिक रंग में भी पिरोया गया।

इस पूरे आयोजन की गूंज सोशल मीडिया पर भी सुनाई दी। #25YearsOfSeva, #SevaJyoti, #ViksitBharat और #SevaSankalpAbhiyan जैसे हैशटैग के जरिए कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने अपनी तस्वीरें और अनुभव साझा किए। पार्टी की डिजिटल टीम ने भी इन हैशटैग का इस्तेमाल करते हुए कार्यक्रम को ऑनलाइन मंच पर व्यापक पहुंच दिलाने की कोशिश की, जिससे यह आयोजन जमीनी स्तर के साथ-साथ डिजिटल दुनिया में भी चर्चा का विषय बना रहा।

पटना का यह आयोजन अकेला नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भाजपा का ‘सेवा संकल्प अभियान’ देश के विभिन्न राज्यों में चलाया जा रहा है। जैसे उत्तर प्रदेश के एटा जिले में भी इसी तरह की सेवा ज्योति यात्रा निकाली गई, जिसमें स्थानीय जिलाध्यक्ष और विधायकों के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मशाल और झंडे लेकर शहर के प्रमुख मार्गों से यात्रा निकाली। इस तरह पटना का आयोजन इस व्यापक राष्ट्रीय अभियान की एक अहम कड़ी के रूप में सामने आया है।

राजनीतिक संदेश के पीछे की सोच

राजनीतिक जानकारों की नजर में इस तरह के बड़े आयोजनों का मकसद दोहरा होता है। एक तरफ यह प्रधानमंत्री की नीतियों और नेतृत्व को जनता के बीच फिर से मजबूती से स्थापित करने का प्रयास होता है, तो दूसरी तरफ यह पार्टी के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और उत्साह भरने का भी एक अवसर होता है। बिहार में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के बाद, जहां एनडीए सत्ता में है, इस तरह के आयोजन संगठन को और मजबूत करने तथा जनता से सीधा संवाद बनाने की दिशा में एक अहम कदम माने जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री का यह कहना कि समृद्ध बिहार ही विकसित भारत की कुंजी है, इस बात का भी संकेत है कि राज्य सरकार केंद्र की राष्ट्रीय योजनाओं को राज्य स्तर के विकास एजेंडे के साथ सीधे तौर पर जोड़कर आगे बढ़ना चाहती है।

इस पूरे आयोजन में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी सक्रिय भूमिका में दिखे। प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने मुख्यमंत्री के साथ मिलकर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, जबकि कार्यक्रम की संयोजक प्रीति शेखर ने पूरे आयोजन की योजना और क्रियान्वयन की जिम्मेदारी निभाई। इनके अलावा सरकार के कई मंत्री और पार्टी के विभिन्न स्तर के पदाधिकारी भी इस अवसर पर मौजूद रहे।

सेवा, संकल्प और संगठन की त्रिवेणी

कुल मिलाकर, पटना में हुआ यह आयोजन सेवा, संकल्प और संगठन — इन तीन भावनाओं का एक सुंदर संगम बनकर सामने आया। “सेवा ज्योति यात्रा” का नाम ही यह दर्शाता है कि इस आयोजन के केंद्र में सेवा की भावना थी, जिसे मशाल की रोशनी के माध्यम से शहर की सड़कों पर फैलाया गया। आयोजकों ने इसे राजनीतिक कार्यक्रम से आगे बढ़कर सामाजिक सेवा और सामूहिक संकल्प का प्रतीक बताया।

अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आने वाले दिनों में और कौन-कौन से कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, और यह अभियान बिहार के अलग-अलग जिलों और देश के अन्य हिस्सों में किस रूप में आगे बढ़ता है। पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा जलाई गई यह मशाल अब राज्य के अन्य हिस्सों में भी सेवा और विकास के संकल्प की रोशनी फैलाने के लिए तैयार है, जो प्रधानमंत्री मोदी के “विकसित भारत @2047” के विजन को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक और मजबूत कदम साबित हो सकती है।

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