सम्राट अशोक जयंती 2026: डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने दिया शांति और भाईचारे का संदेश
पटना, 26 मार्च।
सम्राट अशोक की जयंती के अवसर पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने महान सम्राट के जीवन और उनके विचारों को स्मरण करते हुए शांति, करुणा और मानवता का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि सम्राट अशोक का जीवन एक ऐतिहासिक परिवर्तन का प्रतीक है। कलिंग युद्ध के बाद उन्होंने हिंसा और विस्तारवाद को त्यागकर धर्म और जनकल्याण का मार्ग अपनाया। यह परिवर्तन गौतम बुद्ध की अहिंसा और करुणा की शिक्षाओं से प्रेरित था।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह बदलाव न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व के लिए प्रेरणादायक है। इससे यह सिद्ध होता है कि सच्ची शक्ति युद्ध में नहीं, बल्कि शांति, सहिष्णुता और मानवता की सेवा में निहित होती है।

उन्होंने वर्तमान समय की परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि समाज में बढ़ती विभाजनकारी प्रवृत्तियों और तनाव के बीच भगवान बुद्ध और सम्राट अशोक के आदर्श पहले से अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। शांति, सौहार्द और भाईचारे का संदेश ही समाज को एकजुट रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
सम्राट चौधरी ने बिहार की ऐतिहासिक विरासत पर जोर देते हुए कहा कि यह वही धरती है जहां भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त किया और सम्राट अशोक ने जनकल्याणकारी शासन की नींव रखी। राज्य सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के मूल मंत्र पर चलते हुए हर वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
अंत में उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध की शिक्षाएं हमें धैर्य, संयम और करुणा का मार्ग दिखाती हैं, जबकि सम्राट अशोक का जीवन यह सिखाता है कि किसी भी परिस्थिति में सकारात्मक बदलाव संभव है। इन आदर्शों को अपनाकर ही एक समरस और विकसित समाज का निर्माण किया जा सकता है।
