मरीन ड्राइव और इंफ्रास्ट्रक्चर से बदलता बिहार: समृद्धि यात्रा में सम्राट चौधरी का बड़ा बयान
समृद्धि यात्रा में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बड़ा बयान: मरीन ड्राइव और इंफ्रास्ट्रक्चर से बदलेगा बिहार का भविष्य
पटना, 26 मार्च 2026।
बिहार में तेजी से हो रहे विकास कार्यों को लेकर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि राज्य अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है, जहां इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, रोजगार और सामाजिक सशक्तिकरण एक साथ आगे बढ़ रहे हैं। पटना के बापू सभागार में आयोजित समृद्धि यात्रा के समापन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने राज्य की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को विस्तार से रखा।
पटना मरीन ड्राइव बना आकर्षण का केंद्र
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पटना में विकसित गंगा पथ (मरीन ड्राइव) आज बिहार की बदलती तस्वीर का प्रतीक बन चुका है। देश के विभिन्न हिस्सों से लोग इस आधुनिक परियोजना को देखने के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह परियोजना न केवल यातायात को सुगम बना रही है, बल्कि पर्यटन को भी नया आयाम दे रही है।
125 किलोमीटर लंबा मरीन ड्राइव: विकास का नया कॉरिडोर
उन्होंने जानकारी दी कि दीघा से कोइलवर और मुंगेर से भागलपुर तक लगभग 125 किलोमीटर लंबा मरीन ड्राइव तेजी से निर्माणाधीन है। इसके पूरा होने पर यह परियोजना राज्य के पर्यटन, व्यापार और रोजगार के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
सड़क नेटवर्क में ऐतिहासिक विस्तार
राज्य में सड़क निर्माण के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2005 से पहले जहां केवल लगभग 6 हजार किलोमीटर सड़कें थीं, वहीं अब यह बढ़कर करीब 1 लाख 40 हजार किलोमीटर हो चुकी हैं। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी में व्यापक सुधार हुआ है।
बिजली आपूर्ति में बड़ा सुधार
बिहार में बिजली क्षेत्र में भी उल्लेखनीय बदलाव आया है। उपभोक्ताओं की संख्या 17 लाख से बढ़कर 2 करोड़ 16 लाख तक पहुंच गई है। राज्य में 23 से 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली योजना के तहत लगभग 88 प्रतिशत परिवारों को राहत मिल रही है।
महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर
सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। साइकिल, पोशाक और छात्रवृत्ति योजनाओं के साथ पंचायत चुनावों में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। इसके अलावा, 1 करोड़ 81 लाख महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया गया है। जीविका समूहों के माध्यम से महिलाएं बड़े पैमाने पर आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी कर रही हैं।
रोजगार सृजन और उद्योगों को बढ़ावा
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में पलायन रोकने के लिए उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। पिछले पांच वर्षों में 50 लाख से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। आने वाले पांच वर्षों में 1 करोड़ रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।
हवाई कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार
राज्य में हवाई सेवाओं को मजबूत करने के लिए कई नए एयरपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं। पटना, गया, दरभंगा और पूर्णिया के बाद अब बिहटा, सोनपुर, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, मुंगेर, सुलतानगंज, बीरपुर, वाल्मीकिनगर और रक्सौल में भी एयरपोर्ट निर्माण की दिशा में काम चल रहा है।
सम्राट अशोक की विरासत को दिया जा रहा सम्मान
अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री ने सम्राट अशोक जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार सरकार उनकी विरासत को सहेजने के लिए प्रतिबद्ध है। बापू सभागार, ज्ञान भवन और सभ्यता द्वार को सम्राट अशोक कन्वेंशन सेंटर के रूप में विकसित किया गया है, जो राज्य के गौरव का प्रतीक हैं।
विकास यात्राओं से मजबूत हुई नींव
उन्होंने कहा कि न्याय यात्रा, परिवर्तन यात्रा, विकास यात्रा, प्रगति यात्रा और अब समृद्धि यात्रा के माध्यम से राज्य में विकास की मजबूत नींव रखी गई है। इन प्रयासों ने बिहार को तेज गति से प्रगति की राह पर आगे बढ़ाया है।
निष्कर्ष
उपमुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिहार इसी तरह विकास के पथ पर आगे बढ़ता रहेगा। मरीन ड्राइव, सड़क, बिजली, उद्योग और सामाजिक योजनाओं के माध्यम से राज्य को एक मजबूत और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
